साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे। ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। प्राचीन तंत्र शास्त्रों पर विश्वास कर साधना करें । जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो https://edithr580fgg5.wikicorrespondence.com/user